नारी का सम्मान ही नारीत्व कि पहचान है,
देश आगे बढ़ रहा ये देशवासिओं कि शान है,
नारी शक्ति के समक्ष झुकता कठिनाइयों का पहाड़ है,
नारी है जननी जिसने जना ये पूरा समाज़ है।
नारी को दिया सम्मान तो नारीत्व कि परिकाष्ठा हुई,
नारी को दी सुरक्षा तो देश कि अलग पहचान हुई,
नारी ने साथ दिया तो घर में खुशहाली आई,
नारी ने साथ छोड़ा तो घर कि बर्बादी हुई।
नारी ने कई रूपों में समाज़ का है कल्याण किया,
कभी बनी बहन तो कभी माँ बन उसने बच्चे का पालन किया,
कभी पत्नी बन उसने पत्नी धर्म का पालन किया,
तो कभी दुर्गा बन उसने समाज़ बुराई का अंत किया।
नारी ने नर के साथ मिल पुरुष-प्रकृति कि भूमिका निभाई है,
हर मुश्किल घडी में एक-दुसरे कि दोनों ने खूब हौसला-अफ़जाई करवाई है,
नारी आज हर छेत्र में पुरुषों से कन्धा है मिला रही,
इस देश को प्रगतिशील से विकसित कि श्रेणी में है ला रही।
आज इस पापी दुनिया में नारी का सम्मान जरुरी है,
नारी कि इज़ज़त को अपनी इज़ज़त का फ़रमान मानना ज़रूरी है,
याद रहे इनकी इज़ज़त पे सियासत खेलना गवाऱ नहीं होगा,
क्योकि अब केवल ये बहू नहीं देश कि बहुमत है और देश कि बहुमत से अब खिलवाड़ नहीं होगा।
नारी का करो दिल से सम्मान ताकि तुम्हारी आत्मा तुम्हारा सम्मान करे,
जिस नारी कि कोक से हो जन्मे उस नारी जात का तुम पर अभिमान बढ़े,
नारी को घर कि नहीं अब पुरे देश और समाज़ कि लक्ष्मी का ओहदा मिले,
नारी शक्ति का परचम पुरे विश्व में खूब फुले-फले।
देश आगे बढ़ रहा ये देशवासिओं कि शान है,
नारी शक्ति के समक्ष झुकता कठिनाइयों का पहाड़ है,
नारी है जननी जिसने जना ये पूरा समाज़ है।
नारी को दिया सम्मान तो नारीत्व कि परिकाष्ठा हुई,
नारी को दी सुरक्षा तो देश कि अलग पहचान हुई,
नारी ने साथ दिया तो घर में खुशहाली आई,
नारी ने साथ छोड़ा तो घर कि बर्बादी हुई।
नारी ने कई रूपों में समाज़ का है कल्याण किया,
कभी बनी बहन तो कभी माँ बन उसने बच्चे का पालन किया,
कभी पत्नी बन उसने पत्नी धर्म का पालन किया,
तो कभी दुर्गा बन उसने समाज़ बुराई का अंत किया।
नारी ने नर के साथ मिल पुरुष-प्रकृति कि भूमिका निभाई है,
हर मुश्किल घडी में एक-दुसरे कि दोनों ने खूब हौसला-अफ़जाई करवाई है,
नारी आज हर छेत्र में पुरुषों से कन्धा है मिला रही,
इस देश को प्रगतिशील से विकसित कि श्रेणी में है ला रही।
आज इस पापी दुनिया में नारी का सम्मान जरुरी है,
नारी कि इज़ज़त को अपनी इज़ज़त का फ़रमान मानना ज़रूरी है,
याद रहे इनकी इज़ज़त पे सियासत खेलना गवाऱ नहीं होगा,
क्योकि अब केवल ये बहू नहीं देश कि बहुमत है और देश कि बहुमत से अब खिलवाड़ नहीं होगा।
नारी का करो दिल से सम्मान ताकि तुम्हारी आत्मा तुम्हारा सम्मान करे,
जिस नारी कि कोक से हो जन्मे उस नारी जात का तुम पर अभिमान बढ़े,
नारी को घर कि नहीं अब पुरे देश और समाज़ कि लक्ष्मी का ओहदा मिले,
नारी शक्ति का परचम पुरे विश्व में खूब फुले-फले।
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